देहरादून। अल्पसंख्यक आयोग में सचिव पद को लेकर लगातार घमासान चल रहा है। हाईकोर्ट में मामला पहुंचने के बाद एक सचिव बीपी त्रिवेदी को हटाया जा चुका है। उनके बाद बनाए बरकत अली ने अब शासन को पद छोड़ने को चिट्ठी लिख दी है। अब सोमवार को मामले में हाईकोर्ट में सुनवाई होनी है। उधर, आयोग में छह माह से यहां पर सुनवाई ठप पड़ी है।
बरकत अली ने पद छोड़ने की इच्छा जताई: पहले जेएस रावत की प्रतिनियुक्ति खत्म की गई, फिर बने बीपी त्रिवेदी को विवादों के चलते एवं कोर्ट में मामला पहुंचने पर शासन ने हटाया, अब बरकत अली ने अपना पद छोड़ने को शासन को चिट्ठी लिख दी है। आयोग के सचिव और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग में उप निदेशक बरकत अली ने अपने दोनो पद छोड़ने की इच्छा जताई है। उन्होने विशेष सचिव अल्पसंख्यक कल्याण को चिट्ठी लिखकर उन्हें कार्यमुक्त करने का अनुरोध किया है। उन्होने मूल विभाग श्रम चिकित्सा सेवाएं के कर्मचारी राज्य बीमा योजना में कार्यों की अधिकता का हवाला दिया है। उधर, किसान मजदूर महासंग्राम संगठन अध्यक्ष मोबीन अहमद ने अल्पसंख्यक आयोग में लंबित मामलों की तत्काल सुनवाई की मांग उठाई हैं। उन्होने निदेशक, उप निदेशक, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी के कार्यों की जांच की मांग उठाई हैं। कहा जो अयोग्य अफसरों को पद दिए गए हैं, उनकी जांच होनी चाहिए।

