विकासनगर। महासू देवता मंदिर हनोल में स्वर्ण कलश स्थापना के अवसर पर आयोजित होने वाले तीन दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान में बकरा बलि नहीं चढ़ाई जाएगी। शाठी-बिल, बाबर क्षेत्र की छह खतों और पाशी-बिल की तीन पट्टियों के देव कारिंदों, सयाणों और गणमान्य लोगों की बैठक में देवता की आज्ञा के अनुसार मंदिर में बकरा बलि पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने पर सहमति बनी। बैठक में अनुष्ठान की तैयारियों, डोरिया पूजन और कार सेवा की व्यवस्था पर भी चर्चा की गई। शाठी-बिल के वजीर दीवान सिंह राणा की अध्यक्षता में हुई बैठक में बताया गया कि स्वर्ण कलश स्थापना को लेकर 19 से 21 अक्टूबर तक तीन दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किया जाएगा। इस दौरान महासू देवता की आज्ञा के अनुसार मंदिर में बकरा बलि नहीं चढ़ाई जाएगी। शाठी-बिल और पाशी-बिल के प्रतिनिधियों ने भी निर्णय पर सहमति जताई। बैठक में तय किया गया कि धार्मिक अनुष्ठान के बाद सबसे पहले बौठा महासू देवता के डोरिया देवचिह्न की पूजा शाठी-बिल के वजीर दीवान सिंह राणा के बासतील स्थित घर में होगी। इसके बाद पाशी-बिल के वजीर जयपाल सिंह पंवार के ठडियार स्थित घर में डोरिया पूजन किया जाएगा। अनुष्ठान को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पुरोहित मेनदरथ चिल्हाड़ और मनेवटी के ज्योतिषी ब्राह्मणों को आमंत्रित किया जाएगा।
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