विकासनगर। ब्लॉक के ग्राम प्रधान संगठन ने जी रामजी योजना का विरोध करते हुए शनिवार को केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री को संबोधित ज्ञापन बीडीओ को सौंपा। प्रधानों का आरोप है कि मनरेगा के बदले शुरु की गई इस योजना के कई प्रावधानो में संसोधन की जरूरत है, जिससे कि योजना का लाभ सभी पंचायतों को आसानी से मिल सके। प्रधान संगठन के ब्लॉक अध्यक्ष भरत सिंह ने कहा कि जी रामजी की सभी योजनाओं में श्रमिकों की उपस्थिति को ऑफ लाइन किया जाए। इसके साथ ही पहाड़ी क्षेत्रों में कोई भी कार्य बिना सुरक्षा दीवार के संभव नहीं है, लिहाजा सुरक्षा दीवारों कार्य योजनाओं में शामिल किया जाए।इसके अलावा कार्य योजना से संबंधित सामान व सामग्री का भुगतान 15 से 20 दिन में किया जाए जिससे विकास कार्य समय पर पूरे हो सकें। कहा कि इन समस्याओं से श्रमिकों को कई समस्याएं झेलनी पड़ रही हैं। सबसे महत्वपूर्ण मांग मजदूरी में बढ़ोत्तरी की है। श्रमिकों की मजदूरी को 252 रुपए प्रतिदिन के बजाय छह सौ रुपए प्रतिदिन किया जाना चाहिए, ताकि प्रत्येक श्रमिक को उचित मेहनताना मिल सके। कहा कि पर्वतीय क्षेत्र की पंचायतों को देखते हुए कई प्रावधानो में बदलाव किया जाना जरूरी है। आज भी कई ग्राम पंचायतों में संचार सुविधाओं की कमी है। संचार सुविधा के अभाव में ऑन लाइन कार्य करना मुमकिन नहीं है। ऐसे में जी रामजी के अधिकांश कार्यों को ऑन लाइन किए जाने से पंचायतें विकास के कार्यों से वंचित रह जाती हैं। इसके साथ ही कई अन्य प्रावधान हैं जिन्हें पूरा करना पर्वतीय ग्राम पंचायतों में संभव नहीं है, लिहाजा इन प्रावधानो में बदलाव किया जाना जरूरी है। ज्ञापन सौंपने वालो में प्रधान संगठन के सचिव विरेंद्र सिंह, पूरण शर्मा, मो. खालिद, रेखा शर्मा, हिना, सुनील कुमार, प्रियंका, सुमित्रा चौहान, सीमा देवी, अखिलेश चौहान, मुशब्बर अली, कमल कुमार, बनीता तोमर, आशीष बिष्ट, इशफाक, संगीता आदि शामिल रहे।
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