विकासनगर। दून-पांवटा हाईवे पर सेलाकुई के पास स्वारना नदी पर चार दशक पूर्व बने पुल पूरी तरह से खतरे की जद में आ चुका है। इसको देखते हुए पुल पर भारी वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित कर दी गई है। छोटे वाहन और बाइक सवार ही पुल से आ-जा सकेंगे। फिलहाल खोखले हो चुके पुल के बेस को कंक्रीट भरकर ठीक करने का काम शुरू कर दिया गया है। दरअसल, स्वारना नदी पर यह पुल करीब चार दशक 1984 में बनाया गया था। करीब 200 मीटर लंबे इस पुल की चौड़ाई महज 7.5 मीटर है। पुल के नीचे बने बेसमेंट पर पिलर लगाकर इसे तैयार किया गया है, लेकिन बारिश से स्वारना नदी में उफान आने के कारण यह बेस धीरे-धीरे खोखला होता गया। किसी भी जिम्मेदार ने इस पर ध्यान नहीं दिया। पिछले दिनों हुई बारिश के बाद स्वारना में आए उफान के कारण पुल के नीचे के बेस का एक बड़ा हिस्सा पूरी तरह से खोखला हो गया, जिससे पुल अब पूरी तरह से खतरे की जद में है। पुल के दोनों छोरों पर भी कटाव हो रहा है, जिससे यह पुल कभी भी भरभराकर गिर सकता है। फिलहाल अस्थायी तौर पर लोक निर्माण विभाग ने बेस का ट्रीटमेंट शुरू कर दिया है। खोखले हिस्से के अंदर कंक्रीट भरकर फिलहाल उसे ठीक किया जा रहा है।
भारी वाहनों को किया गया डायवर्ट:
फिलहाल लोनिवि और प्रशासन ने पुल पर भारी वाहनों और चापहिया वाहनों को प्रतिबंधित कर दिया है। देहरादून से आने वाले भारी वाहनों को धूलकोट तिराहे से नये हाईवे पर डायवर्ट किया जा रहा है। जबकि विकासनगर से सेलाकुई की तरफ जाने वाले वाहनों को सहसपुर से नये हाईवे की तरफ भेजा जा रहा है।

