देहरादून। अखिल गढ़वाल सभा की ओर से आयोजित उत्तराखंड कौथिग में रविवार को लोकसंस्कृति और लोकसंगीत की धूम रही। विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी ने लोकगीत संध्या का शुभारंभ किया।उन्होंने कहा कि अखिल गढ़वाल सभा 75 वर्षों से उत्तराखंड की संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण के लिए सराहनीय कार्य कर रही है। उन्होंने सभा को हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। लोकगीत संध्या की शुरुआत पद्मश्री बसंती बिष्ट के जागर से हुई। उन्होंने मां नंदा की कैलाश विदाई और उनके जीवन प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया। इसके बाद आलोक मलासी, अनिल बिष्ट, भूपेंद्र बसेड़ा, अज्जू तोमर और रोहित चौहान ने गढ़वाली, कुमाऊंनी और जौनसारी गीतों की प्रस्तुतियों से दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। कार्यक्रम में ज्योति पंत, सुमित गुसाईं, सुभाष पांडेय, अंकित डिमरी, प्रदीप पहाड़ी और महेश ने संगीत संगत दी। कौथिग में सुबह थड़िया, चौफुला और झोड़ा नृत्यों की प्रस्तुतियां हुईं। ज्वाल्पा दल ने मंजू कोटनाला के नेतृत्व में प्रस्तुति दी। डॉ. कृपा राणता और उनके साथियों, महिला मंच, नंदा देवी दल, पर्वतीय महिला मंडल आरकेडिया और कुमाऊं के श्रद्धा ग्रुप ने पारंपरिक गीतों पर नृत्य प्रस्तुत किए। मुख्य अतिथि राज्य मंत्री विनोद उनियाल ने कहा कि गढ़वाल सभा लोकसंस्कृति और परंपराओं को आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण कार्य कर रही है। सभा अध्यक्ष रोशन धस्माना ने आभार जताया।
स्वास्थ्य शिविर में 184 लोगों की जांच
कौथिग में हेल्थ नेटवर्किंग सेवा स्थान और कनिष्क अस्पताल की ओर से निशुल्क स्वास्थ्य शिविर लगाया गया। इसमें 184 लोगों ने स्वास्थ्य जांच और परामर्श का लाभ लिया। शिविर में रक्तचाप और रक्त शर्करा की जांच कराने वाले मरीजों की संख्या अधिक रही। इस दौरान स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. रितु गुप्ता, डॉ. एसपी भट्ट, आभा शर्मा, डॉ. तुषब और डॉ. संजना सहित चिकित्सा टीम मौजूद रही।

