देहरादून। मेंहूँवाला क्लस्टर पेयजल योजना के तहत पेयजल निगम को हस्तांतरित भूमि और ट्यूबवेल कक्ष पर अवैध कब्जे का मामला सामने आया है। आरोप है कि वर्ष 2025 में ग्रास फैक्ट्री ट्यूबवेल की खाली जमीन पर अतिक्रमण किया गया और बाद में दिसंबर 2025 में ट्यूबवेल कक्ष को ध्वस्त कर उस पर भी कब्जा कर लिया गया।जिला कांग्रेस कमेटी पछवादून की प्रवक्ता गीता बिष्ट ने विभागीय लापरवाही पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि संबंधित अधिकारियों की निष्क्रियता के चलते सरकारी संपत्ति असुरक्षित हो गई है। उन्होंने पेयजल निगम महाप्रबंधक को ज्ञापन देकर हस्तक्षेप की मांग की है। बिष्ट ने स्थलीय निरीक्षण, अतिक्रमणकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने, भूमि का पुनः सीमांकन कर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। इनमें अन्ना हजारे चौक मेहूंवाला, ऋषि विहार घिसरपाड़ी में ट्यूबवेल और ओवरहेड टैंक की जमीन पर लंबे समय से अतिक्रमण चल रहा है। पेयजल निगम यहां भी चारदीवारी नहीं कर पाया है। विभाग का कहना है कि जमीन में हो रहे अवैध कब्जों को हटाने के लिए जिलाधिकारी कार्यालय में शिकायत दर्ज की गई है। हालांकि इस मामले में अभी तक कोई भी पुलिस रिपोर्ट दर्ज नहीं है। पेयजल निगम की अधिशासी अभियंता भारती रावत ने बताया कि ग्रास फैक्ट्री, चंद्रबनी और ऋषि विहार वाले प्रकरण पर लगातार प्रशासन को अवगत कराया जा रहा है।
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