देहरादून। ऊर्जा भवन में नौकरी दिलाने का झांसा दे विधवा महिला से सात लाख रुपये ठग लिए गए। आरोपी ने नौकरी न लगने पर पैसे लौटाने के नाम पर जो चेक दिए वे भी बैंक में बाउंस हो गए। अब आरोपी अपना मोबाइल नंबर बंद कर फरार है। पीड़िता की तहरीर पर कैंट कोतवाली पुलिस ने गुरुवार को आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। गोविंदगढ़, शांति विहार निवासी ज्योति कन्नौजिया ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनके पति सागर का फरवरी 2022 में निधन हो गया था। पति की मौत के बाद वह अपने आठ वर्षीय बेटे के साथ माता-पिता के घर रह रही हैं।परिवार के भरण-पोषण के लिए उन्हें नौकरी की तलाश थी। इसी दौरान उनके भाई के मित्र और बचपन के परिचित दीपक जोशी निवासी ऋषि विहार, सीमाद्वार ने उन्हें नौकरी दिलाने का आश्वासन दिया। दीपक ने खुद को ऊर्जा भवन में कार्यरत बताते हुए कहा कि वह अपनी पहुंच से नौकरी लगवा देगा, जिसके एवज में सात लाख रुपये देने होंगे। बच्चे के भविष्य को सुरक्षित करने की मजबूरी में ज्योति ने उसकी बातों पर विश्वास कर लिया। उन्होंने अपने गहने बेचे और रिश्तेदारों से उधार मांगकर अक्तूबर, नवंबर और दिसंबर 2023 में अलग-अलग किश्तों में दीपक जोशी को ऑनलाइन सात लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। पैसे लेने के बाद दीपक नौकरी लगाने के नाम पर लगातार टालमटोल करने लगा। ज्योति को ठगी का अहसास हुआ तो उन्होंने अपने पैसे वापस मांगे। इस पर दीपक ने 19 अगस्त 2025 को कोटक महिंद्रा बैंक के 3-3 लाख रुपये के दो चेक दिए। खाते में रकम न होने के कारण दोनों चेक बाउंस हो गए। पूछने पर आरोपी ने तकनीकी खराबी का बहाना बनाया और एक सितंबर 2025 को फिर से 3-3 लाख रुपये के दो अन्य चेक दिए, लेकिन वे भी बाउंस हो गए। पीड़िता का आरोप है कि बीते जनवरी से दीपक जोशी के दोनों मोबाइल नंबर और गूगल-पे नंबर लगातार बंद आ रहे हैं। जब वह आरोपी के घर ऋषि विहार गईं तो वहां मिले उसके पिता जीवन जोशी ने बताया कि दीपक नैनीताल में है। इसके बाद भी वह कई बार उसके घर गईं, लेकिन हर बार उसे घर पर न होने की बात कही गई। इंस्पेक्टर कैंट एसएस बिष्ट ने बताया कि शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है।

