देहरादून। उत्तराखंड आन्दोलनकारी संयुक्त परिषद एवं विभिन्न राजनीतिक व सामाजिक संगठनों ने राज्य में बिगड़ती कानून-व्यवस्था, हथियारबंद तीर्थयात्रियों एवं साम्प्रदायिक तत्वों की बढ़ती गतिविधियों को लेकर कार्रवाई की मांग की है।बुधवार को सामाजिक संगठनों ने मुख्यमंत्री के नाम डीएम के माध्यम से एक ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट राकेश तिवारी को सौंपा। संयुक्त परिषद के नवनीत गुंसाई ने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में हथियारों से लैस तीर्थयात्रियों द्वारा स्थानीय लोगों को धमकाने और आतंकित करने की घटनाओं से आम जनमानस में भय एवं असुरक्षा का वातावरण पैदा हो गया है। आरोप लगाया कि कुछ असामाजिक एवं साम्प्रदायिक तत्व अल्पसंख्यक समुदायों पर हमलों तथा उनके रोजगार समाप्त करने के प्रयास कर रहे हैं।कहा कि झंडा मोहल्ला में अभी भी दुकानें बंद हैं। कहा कि पुलिस सकारात्मक कार्रवाई नहीं कर रही है। कहा कि हथियारबंद तीर्थयात्रियों पर सख्त प्रतिबंध हो। असामाजिक तत्वों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। कहा कि अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के लिए विशेष दिशा-निर्देश तथा कानून-व्यवस्था की समीक्षा कर उच्च स्तरीय समिति गठित करने की मांग की। ज्ञापन में सीपीआई एम के सचिव अनन्त आकाश, राष्ट्रीय उत्तराखंड पार्टी के महामंत्री बालेश बबानिया, उत्तराखंड क्रांति दल की नेत्री प्रमिला रावत, नेताजी संघर्ष समिति के अध्यक्ष प्रभात डंडरियाल, जिला अध्यक्ष सुरेश कुमार, प्रवक्ता चिन्तन सकलानी, रेखा शर्मा, नवीन नौटियाल, अमरसिंह, पारूल आदि मौजूद थे।

