उत्तराखंड के रहने वाले और देश को कई अंतरराष्ट्रीय पदक दिलाने वाले निशानेबाज जसपाल राणा का शनिवार 13 जून को वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। उनके 21 वर्षीय बेटे युवराज ने पिता को मुखाग्नि दी। इस दौरान घाट पर भावुक माहौल रहा और हजारों लोग अंतिम यात्रा में शामिल हुए।
जसपाल राणा की अंतिम यात्रा में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बेटे विधायक पंकज सिंह और नीरज सिंह भी मौजूद रहे। दोनों ने पार्थिव शरीर को कंधा दिया। भाजपा के स्थानीय नेताओं और अंतरराष्ट्रीय शूटर संदीप कुमार ने भी श्रद्धांजलि दी।
बीमारी और निधन जर्मनी से लौटते समय जसपाल राणा की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। 11 जून को उन्हें दिल्ली के मैक्स हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान शुक्रवार को हार्ट अटैक से उनका निधन हो गया।
देहरादून में श्रद्धांजलि दिल्ली से पार्थिव शरीर पहले देहरादून स्थित आवास लाया गया। यहां मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी समेत कई राजनीतिक हस्तियों ने श्रद्धांजलि दी। ओलंपिक पदक विजेता मनु भाकर ने गुरु के अंतिम दर्शन किए और भावुक होकर आंसू बहाए।
काशी में अंतिम संस्कार शनिवार को पार्थिव शरीर को विमान से वाराणसी लाया गया। मणिकर्णिका घाट पर पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार हुआ। इस दौरान विधायक पंकज सिंह और परिजन घाट पर मौजूद रहे।
जसपाल राणा के निधन से भारतीय खेल जगत में शोक की लहर है। निशानेबाजी में उनके योगदान और खिलाड़ियों को दी गई प्रेरणा हमेशा याद की जाएगी।

