देहरादून। जमीयत उलेमा-ए-हिंद, देहरादून ने सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित लगभग 110 वर्ष पुरानी मस्जिद को प्रशासन द्वारा ढहाए जाने का कड़ा विरोध किया है। संगठन ने रविवार को जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजकर इस कार्रवाई की उच्च स्तरीय जांच और अफसरों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग की है। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि ध्वस्तीकरण की यह कार्रवाई एकतरफा, मनमानी और प्राकृतिक न्याय के मूल सिद्धांतों के खिलाफ थी। प्रशासन ने इतनी जल्दबाजी दिखाई कि प्रभावित पक्ष को उच्च न्यायालय या सर्वोच्च न्यायालय में अपना पक्ष रखने तक का मौका नहीं मिला, जिससे न्याय व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।जमीयत ने स्वतंत्र उच्च स्तरीय जांच, अफसरों पर कार्रवाई एवं दोबारा मस्जिद बनवाने की मांग उठाई। इस दौरान जिलाध्यक्ष मौलाना अब्दुल मन्नान कासमी, कोषाध्यक्ष मास्टर अब्दुल सत्तार, नगराध्यक्ष मुफ्ती अयाज जामई, उपाध्यक्ष नगर मौलाना रागिब मजाहिरी, हाजी तौसीफ खान और मौलाना अब्दुल खालिद आदि मौजूद रहे।
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