देहरादून। ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी में बैच-2026 के विदेशी छात्र-छात्राओं के लिए अंतर्राष्ट्रीय दीक्षांत समारोह का आयोजन किया गया। इसमें 15 देशों के 84 अंतर्राष्ट्रीय छात्र-छात्राओं को स्नातक, स्नातकोत्तर की उपाधियां और डिप्लोमा प्रदान किया गया। समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि व एंबेसी ऑफ जिम्बाब्वे के डेप्युटी हेड ऑफ मिशन पीटर होबवानी ने कहा कि शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि अवसरों का सृजन करने, समाज को नई दिशा देने और दुनिया को बेहतर बनाने की शक्ति है। ग्राफिक एरा ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के चेयरमैन डॉ कमल घनशाला और उनकी दूरदर्शी सोच की सराहना करते हुए पीटर होबवानी ने कहा कि ग्राफिक एरा ने अंतर्राष्ट्रीय छात्र-छात्राओं के लिए ज्ञान और संभावनाओं के नए द्वार खोले हैं। विशिष्ट अतिथि हाई कमीशन ऑफ लेसोथो के चार्ज डी अफेयर्स मेत्सिंग एडियल लेम्फाने ने कहा कि छात्र-छात्राओं को सांस्कृतिक विविधताओं के बीच दीवार नहीं, बल्कि एक सेतु बनकर लोगों और देशों को जोड़ने का कार्य करना चाहिए। विशेष अतिथि हाई कमीशन ऑफ द रिपब्लिक ऑफ युगांडा के एजुकेशन काउंसलर बेकर नांतुवुंडा बालुन्यवा ने कहा कि विश्वविद्यालय में बिताए गए वर्षों के दौरान छात्र छात्राओं ने केवल ज्ञान अर्जित नहीं किया, बल्कि विभिन्न देशों और संस्कृतियों से आए लोगों के साथ एक अमूल्य वैश्विक नेटवर्क भी विकसित किया है। ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी के प्रो चांसलर डॉ राकेश कुमार शर्मा ने कहा कि ये डिग्री केवल एक शैक्षणिक उपलब्धि नहीं, बल्कि समाज और विश्व समुदाय के प्रति एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी भी है। ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी के कुलपति डा. नरपिंदर सिंह और ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी की प्रभारी कुलपति डा. तबस्सुम नकवी ने दोनों विश्विद्यालयों पर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की। दीक्षांत समारोह में ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी के प्रो-वीसी डॉ संतोष एस सर्राफ, कुलसचिव डॉ. नरेश कुमार शर्मा आदि मौजूद रहे।

