विकासनगर। प्रदेश के करीब पांच हजार अतिथि शिक्षकों का मासिक मानदेय 25 हजार से बढ़ाकर 40 हजार रुपये किया जाए। जन संघर्ष मोर्चा ने सरकार से यह मांग उठाते हुए अतिथि शिक्षकों को अवकाश अवधि का मानदेय और ईपीएफ-ईएसआई जैसी सामाजिक सुरक्षा सुविधाएं देने की भी मांग की है। मोर्चा अध्यक्ष एवं जीएनवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने शुक्रवार को पत्रकार वार्ता में कहा कि राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में करीब पांच हजार अतिथि शिक्षक पिछले 10 साल से अधिक समय से सेवाएं दे रहे हैं। इसके बावजूद उन्हें महज 25 हजार रुपये मासिक मानदेय दिया जा रहा है। महंगाई के दौर में इतनी कम धनराशि में परिवार का भरण-पोषण करना उनके लिए मुश्किल हो रहा है। उन्होंने कहा कि अतिथि शिक्षकों को ग्रीष्मकालीन और शीतकालीन अवकाश का मानदेय भी नहीं मिलता। ईपीएफ और ईएसआई जैसी जरूरी सुविधाओं से भी उन्हें वंचित रखा गया है। कई शिक्षक अपने घरों से 100 से 200 किलोमीटर दूर दुर्गम क्षेत्रों में तैनात होकर सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन उन्हें इसके अनुरूप सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। पत्रकार वार्ता में दिलबाग सिंह और प्रवीण शर्मा पिन्नी मौजूद रहे।
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