देहरादून। पद्मभूषण डॉ.अनिल प्रकाश जोशी दो अक्तूबर को नेपाल से भारत के लिए अपनी तीन हजार किलोमीटर लंबी साइकिल यात्रा पर निकलेंगे। प्रकृति, पर्यावरण, प्रभु पारिस्थितिकी से परिचय से जुड़े सवालों को लेकर यह यात्रा दो अक्तूबर को नेपाल के जानकीपुर से शुरू होगी।करीब 50-55 दिन की यह यात्रा लगभगी तीन हजार किलोमीटर की दूरी तय करते हुए विभिन्न पड़ावों से होकर गुजरेगी। डॉ.अनिल जोशी ने बताया कि विगत दशकों की भांति इस साल भी उनकी यात्रा गांधी जयंती के दिन से निकलेगी। क्योंकि गांधी जी की चिंताएं, स्वराज व स्वस्थ पारिस्थितिकी से जुड़ी थी। इसलिए इस दिन को यात्रा के लिए तय किया गया है।यह यात्रा नेपाल से भारत के झारखंड, बिहार, यूपी, दिल्ली और उत्तराखंड जाएगी। उन्होंने कहा कि इसमें मुख्य रुप से प्रकृति ही प्रभु है, सबसे बड़ा धर्म है और इसके बिना जीना संभव नहीं है, इस ध्येय वाक्य को लोगों के जेहन में बिठाने का प्रयास किया जाएगा। प्रकृति के लिए हमारी समझा आधी अधूरी है। यही कारण है कि हमारी अनदेखी ही आज प्रकृति को कठोर बना चुकी है। हवा, पानी, मिट्टी, जंगल और पानी की अनदेखी की कीमत हमें चुकानी पड़ रही है। हमें प्रकृति को सर्वोपरि धर्म और दायित्व समझकर आने वाला भविष्य तय करना ही होगा।
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