विकासनगर। उत्तराखंड विद्युत अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा यमुना घाटी की कार्यकारिणी बैठक गुरुवार को आयोजित की गई। बैठक में मोर्चा के कर्मचारियों और पदाधिकारियों के खिलाफ प्रमुख सचिव ऊर्जा को भेजी गई कथित फर्जी शिकायत को लेकर नाराजगी जताई गई। बैठक की अध्यक्षता यमुना वैली संयोजक गोपाल बिहारी ने की, जबकि संचालन संजय राणा ने किया। बैठक में बताया गया कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने बिना हस्ताक्षर और बिना पता लिखे कुछ कर्मचारियों और पदाधिकारियों के खिलाफ शिकायत भेजी है। मोर्चा पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि ऐसी शिकायत पर उत्तराखंड शासन और निगम प्रबंधन द्वारा संज्ञान लिया जाना उचित नहीं है। बैठक में विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों ने इस तरह की कार्रवाई को गलत बताते हुए निगम प्रबंधन से मांग की कि शिकायत करने वाले व्यक्ति की पहचान विजिलेंस जांच के माध्यम से कराई जाए और दोषी पाए जाने पर उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। इसके अलावा मार्च माह में केंद्रीय स्तर पर स्थगित किए गए आंदोलन और लंबित समस्याओं पर भी चर्चा की गई। मोर्चा पदाधिकारियों ने कहा कि पिछले डेढ़ माह से 19 सूत्रीय समस्या पत्र में शामिल विभिन्न समस्याओं का समाधान नहीं हुआ है। बैठक में प्रस्ताव पारित किया गया कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं किया गया और इसके चलते भविष्य में कोई आंदोलन होता है तो उसकी पूरी जिम्मेदारी निगम प्रबंधन की होगी। इस दौरान महेंद्र चौहान, जगदीश प्रसाद जोशी, राजेंद्र कापड़ी, दुर्गा प्रसाद, जसवीर सिंह, आनंद कुमार, विकास पुंडीर, राजेश चंद्र तिवारी, पंकज सैनी, विवेक कुमार, अजीत पवार और गोविंद सजवान सहित विभिन्न पदाधिकारियों ने अपने विचार रखे।

