नई टिहरी। राशन कार्ड में दर्ज परिवार के हर सदस्य का सत्यापन कराने की प्रक्रिया टिहरी जिले में धीमी पड़ गई। डेढ़ साल से अधिक समय बीतने के बाद भी जिले की 5 लाख 77 हजार 612 राशन यूनिटों में से केवल 3 लाख 76 हजार 971 यूनिटों की ही ई-केवाईसी हो पाई है। 2 लाख 641 यूनिटों का सत्यापन होना बाकी है। शासन स्तर से प्रक्रिया पूरी करने की समय सीमा तय नहीं होने से ई-केवाईसी कराने की प्रक्रिया रफ्तार नहीं पकड़ पा रही है।
राशन वितरण व्यवस्था को पारदर्शिता बनाए रखने के लिए कार्ड में दर्ज परिवार के प्रत्येक सदस्य की ई-केवाईसी जरूरी है। इसके लिए राशन कार्ड के मुखिया सहित अन्य सदस्यों के मोबाइल नंबर आधार से जोड़ने के बाद संबंधित व्यक्ति को सस्ता गल्ला की दुकान पर जाकर ई-पॉस मशीन में अंगुलियों के निशान का सत्यापन कराना होता है। सत्यापन के दौरान आधार कार्ड साथ रखना जरूरी है।
राशन कार्डधारक जिस दुकान से नियमित रूप से राशन लेता है, वहां ई-केवाईसी करा सकता है। इसके अलावा आसपास की सस्ता गल्ला की दुकान पर भी यह सुविधा उपलब्ध है। चलने फिरने में असमर्थ लोग मोबाइल नंबर में ओटीपी से ई-केवाईसी की सुविधा रखी गई है। जिले में कुल 1 लाख 40 हजार 681 राशन कार्ड हैं। इनमें राज्य खाद्य योजना के 56,880, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के 61,110 और अंत्योदय योजना के 22,691 कार्ड शामिल हैं। इन कार्डों से जुड़ी कुल 5.77 लाख से अधिक यूनिटों में से अभी करीब 2.06 लाख यूनिटों का सत्यापन बाकी है। ई-केवाईसी प्रक्रिया शुरू हुए डेढ़ साल से अधिक समय हो चुका है। शुरुआती दौर में लोगों ने इसमें रुचि दिखाई, लेकिन अब इसकी रफ्तार सुस्त पड़ गई है।
राशन कार्डधारक की हर यूनिट की ई-केवाईसी अनिवार्य है। शासन स्तर से अभी ई-केवाईसी को लेकर कोई दिशा-निर्देश जारी नहीं हुए हैं। शासन से जैसे ही निर्देश जारी होंगे, उसी के अनुरूप आगे की कार्रवाई की जाएगी। -सुनील बडोनी, जिला पूर्ति अधिकारी, टिहरी

