देहरादून। कांग्रेसियों का लोक भवन कूच पुलिस और प्रशासन के लिए चुनौतीपूर्ण रहा। छात्रों पर दिल्ली में हुए लाठीचार्ज और कांग्रेस नेता राहुल गांधी की गिरफ्तारी के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ता देर शाम न्यू कैंट रोड स्थित सेंट्रियो मॉल के पास इकट्ठा हुए और लोक भवन की ओर मार्च किया।
पुलिस ने हाथीबड़कला में बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन कांग्रेसियों ने पहले बैरिकेडिंग को तोड़ दिया और दूसरे बैरिकेडिंग तक पहुंचकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। हंगामा बढ़ने पर पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया और उन्हें थाने ले गई।
कांग्रेस नेताओं का कहना था कि 20 जुलाई को दिल्ली में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर छात्रों के आंदोलन के दौरान जिस तरह की बर्बरता हुई, उसका विरोध किया जा रहा है। राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के नेतृत्व में पीएम आवास मार्च के दौरान पुलिस ने राहुल गांधी, अखिलेश यादव समेत कई नेताओं को हिरासत में लिया था।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता प्रतिमा सिंह ने कहा कि छात्रों पर लाठियां भांजना और आंसू गैस के गोले छोड़ना लोकतंत्र की हत्या है। राहुल गांधी को सदन में बोलने नहीं दिया गया और जब उन्होंने लोकतांत्रिक तरीके से पीएम आवास के बाहर धरना दिया तो उन्हें जबरन हिरासत में लिया गया।
यूथ कांग्रेस की प्रदेश उपाध्यक्ष स्वाति नेगी ने भी बीजेपी सरकार को घेरते हुए कहा कि यह लोकतंत्र की हत्या है। उन्होंने मांग की कि केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस्तीफा देना पड़ेगा।

