कैडर पुनर्गठन पर बेरोजगार लैब तकनीशियन भड़के, आईपीएचएस मानकों के तहत पद सृजन की मांग
देहरादून। मेडिकल लैब टैक्नोलॉजिस्ट संघ के बैनर तले एकता विहार में डिग्रीधारी बेरोजगार मेडिकल लैब तकनीशियनों का बेमियादी धरना गुरुवार को 38वें दिन भी जारी रहा। आंदोलनकारियों ने सरकार पर कैडर पुनर्गठन के नाम पर बेरोजगार युवाओं के साथ छल करने का आरोप लगाया। संघ के प्रदेश अध्यक्ष आशीष चंद्र, प्रदेश उपाध्यक्ष रणवीर बिष्ट और प्रदेश महासचिव मयंक राणा ने कहा कि शासन ने 23 जून को लैब तकनीशियन कैडर पुनर्गठन संबंधी शासनादेश जारी कर तीन पदोन्नति सोपानों वाला ढांचा घोषित किया है, लेकिन इसमें यह स्पष्ट नहीं किया गया कि यह व्यवस्था किस आईपीएचएस मानक के अनुरूप तैयार की गई है। उनका कहना है कि आईपीएचएस-2012 के अनुसार राज्य में लैब तकनीशियनों के करीब 1014 पद और आईपीएचएस-2022 के अनुसार 1200 से अधिक पद होने चाहिए, जबकि सरकार ने केवल पूर्व से सृजित 345 पदों के आधार पर कैडर ढांचा घोषित किया है। इनमें भी वर्तमान में केवल 153 पदों पर कर्मचारी कार्यरत हैं और शेष रिक्त हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि पुनर्गठन वास्तव में मानकों के अनुरूप है तो आवश्यक नए पदों का सृजन क्यों नहीं किया गया।संघ ने आरोप लगाया कि वर्ष 2015 में सरकार ने डिप्लोमा धारक कर्मचारियों का ग्रेड-पे बढ़ाते समय भविष्य की सीधी भर्ती बीएससी मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी योग्यता के आधार पर करने का आश्वासन दिया था, लेकिन आज तक सेवा नियमावली में आवश्यक संशोधन नहीं किए गए। इससे हजारों डिग्रीधारी युवाओं को रोजगार के अवसर नहीं मिल पा रहे हैं। आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी कि मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। धरना स्थल पर बड़ी संख्या में लैब तकनीशियन रहे।
बेरोजगार मेडिकल लैब तकनीशियनों का बेमियादी धरना 38वें दिन भी रहा जारी
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