देहरादून। दून में बढ़ते अपराध पर नियंत्रण और कानून व्यवस्था को संतुलित करने के लिए एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने कड़े तेवर दिखाए हैं। शुक्रवार को पुलिस कार्यालय में जनपद के सभी राजपत्रित अधिकारियों, थाना और चौकी प्रभारियों के साथ हुई बैठक में एसएसपी ने दो टूक कहा कि पुलिसिंग में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। बैठक में शिक्षण संस्थानों में पढ़ रहे बाहरी छात्रों की गतिविधियों पर नजर रखने और उनकी पृष्ठभूमि की जांच करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं। एसएसपी ने सभी थाना प्रभारियों को शाम और रात की चेकिंग को मजबूत बनाने और भीड़भाड़ वाले व संवेदनशील स्थानों पर पुलिस की मौजूदगी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। अब बाहरी राज्यों से आने वाले वाहनों की शत-प्रतिशत चेकिंग की जाएगी। सभी क्षेत्राधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे चेकिंग का समय और स्थान खुद निर्धारित करें और स्वयं मौके पर मौजूद रहकर आकस्मिक चेकिंग करवाएं। रात के समय अकारण घूमने वाले लोगों को थाने लाकर उनका सत्यापन किया जाएगा। एसपी सिटी और एसपी देहात नियमित रूप से रात में भ्रमणशील रहकर चेकिंग का जायजा लेंगे। स्पष्ट हिदायत दी गई है कि यदि चेकिंग की कमी से कोई घटना होती है तो संबंधित चौकी या थाना प्रभारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
आपराधिक पृष्ठभूमि वाले छात्रों और नशा तस्करों पर शिकंजा: दून के शिक्षण संस्थानों में पढ़ रहे बाहरी छात्रों को लेकर पुलिस विशेष सतर्कता बरतेगी। थाना प्रभारियों को इन छात्रों की जानकारी जुटाकर इनकी पृष्ठभूमि की जांच करने को कहा गया है। ऐसे छात्र जो पूर्व में आपराधिक पृष्ठभूमि से जुड़े रहे हैं या किसी संदिग्ध गतिविधि में लिप्त हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही जिले भर में नशे के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया जाएगा। एसओजी और एएनटीएफ प्रभारियों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने कर्मियों को टास्क देकर अवैध शराब और नशीले पदार्थों के तस्करों को चिन्हित कर कार्रवाई करें।
शिकायतों पर तुरंत हो सही कार्रवाई: थाने और चौकियों में आने वाले फरियादियों को लेकर भी एसएसपी ने कड़े निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि पीड़ितों की शिकायतों का त्वरित संज्ञान लेते हुए तुरंत सही कार्रवाई की जाए। यदि किसी मामले में प्रार्थना पत्र अनावश्यक रूप से लंबित पाया जाता है तो न केवल संबंधित जांच अधिकारी बल्कि थाना प्रभारी की भी जवाबदेही तय करते हुए उनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

