Thursday, September 17, 2026
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कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी के आय से अधिक संपत्ति मामले में हाईकोर्ट में सुनवाई

नैनीताल।  उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी के आय से अधिक संपत्ति मामले में नैनीताल हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। हाईकोर्ट में विचाराधीन याचिका में कोर्ट का आधिकारिक फैसला आने से पहले ही आदेश अपने पक्ष में बताने का दावा करना मंत्री गणेश जोशी को भारी पड़ गया है। इस मामले की सुनवाई कर रहे न्यायमूर्ति आलोक मेहरा की एकलपीठ ने पूर्व में सुनवाई पूरी कर सुरक्षित रखे फैसले को जारी करने से मना कर दिया और मामले को दूसरी पीठ को रेफर करने के निर्देश दिए हैं।

अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि 8 सितंबर 2026 को इस मामले में बहस पूरी होने के बाद फैसला सुरक्षित रखा गया था, लेकिन कुछ अपरिहार्य परिस्थितियों के कारण पूर्व पीठ की ओर से निर्णय दिया जाना उचित नहीं होगा। हाईकोर्ट ने रजिस्ट्री को निर्देश जारी किए हैं कि इस आपराधिक पुनरीक्षण याचिका (CRLR/344/2025) को नई पीठ नामित करने के लिए मुख्य न्यायाधीश के समक्ष पेश किया जाए।

गौर हो कि देहरादून निवासी विकेश नेगी ने नैनीताल हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की थी। जिसमें उन्होंने कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी पर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप लगाया था। इससे पहले साल 2025 में विशेष न्यायाधीश विजिलेंस/अपर जिला जज देहरादून की अदालत ने इस याचिका को खारिज कर दिया था, जिसके बाद इसे हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी।

फैसला आने से पहले ही गणेश जोशी ने कहा था- ‘विचाराधीन याचिका खारिज हो गई है’: मामले में नैनीताल हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा, लेकिन बीती 11 सितंबर को कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने एक प्रेस वार्ता किया। जिसमें उन्होंने बयान दिया कि ‘कोर्ट में उनके खिलाफ विचाराधीन याचिका खारिज हो गई है। ‘

ऐसे में फैसले से पहले ही मंत्री जोशी की ओर से दावा किए जाने के बाद मंगलवार को कोर्ट में हुई प्रक्रिया के तहत न्यायमूर्ति आलोक मेहरा की एकलपीठ ने मामले को अब मुख्य न्यायाधीश के समक्ष दूसरी पीठ को संदर्भित करने के लिए भेज दिया है, जिसके बाद नई पीठ के गठन पर ही आगे की सुनवाई संभव होगी।

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