देहरादून। सशक्त उत्तराखंड @ चिंतन शिविर के आज के समापन सत्र में स्वास्थ्य विषय पर स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार द्वारा प्रस्तुतिकरण दिया गया। उन्होंने बताया कि राज्य में चिकित्सकों एवं नर्सिंग स्टाफ की कमी बनी हुई है जिसे दूर करने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों को और अधिक वेतन दिए जाने पर विचार किया जा रहा है। इसके अलावा पीपीपी मॉडल को अपनाया गया है ताकि मानव संसाधन को बढ़ाया जा सके।
वहीं, मानव संसाधन प्रबंधन के लिहाज से बताया गया कि अभी विभाग के पास कोई ट्रांसफर पालिसी नहीं है जिसकी वजह से समस्या आ रही है। अगर इस क्षेत्र में पीपीपी मॉडल से भर्ती करते हैं तो इस समस्या को काफी हद तक दूर किया जा सकता है। स्वास्थ्य सचिव द्वारा बताया गया कि विभाग द्वारा विशेष रूप से डेडिकेटेड हाई एल्टीट्यूड सिस्टम बनाया जा रहा है। यह ऐसी टीम होगी जिससे यात्रा के दौरान मृत्यु दर को कम करने में मदद मिलेगी। वहीं, चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में निजी सेक्टर को आकर्षित करने की जरूरत है।
चिकित्सकों की कमी दूर करने के लिए किए जा रहे प्रयास: स्वास्थ्य सचिव
सशक्त उत्तराखंड @ चिंतन शिविर में स्वास्थ्य विषय पर स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार द्वारा दिया गया प्रस्तुतिकरण
Recent Comments
on पिरूल कलेक्शन कर रहे उद्यमियों और स्वयं सहायता समूहों को हर सम्भव सहायता उपलब्ध कराएं : मुख्य सचिव
on मुख्य सचिव ने की पिरूल के निस्तारण एवं अन्य उपयोगों के सम्बन्ध में सम्बन्धित अधिकारियों के साथ बैठक
on भक्तदर्शन राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के स्वर्ण जयंती समारोह में सीएम धामी हुए मुख्य अतिथि शामिल
on स्व.मेजर अशोक कुमार के जन्मदिवस पर उनकी पत्नी सुषमा खिंडारिया ने राजभवन को 275 बोनसाई पौधे भेंट किये

