विकासनगर। अंकिता भंडारी की तीसरी बरसी पर उत्तराखंड क्रांति दल ने अस्पताल रोड पर कैंडल मार्च निकालकर शहीद स्थल पर श्रद्धांजलि अर्पित की। कैंडल मार्च में शामिल मातृशक्ति, युवाओं, सामाजिक संगठनों और जागरूक नागरिकों ने प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा और न्याय व्यवस्था पर भी तीखे सवाल खड़े किए। उक्रांद के केंद्रीय संरक्षक सुरेंद्र कुकरेती ने कहा अंकिता भंडारी हत्याकांड मात्र एक जघन्य अपराध नहीं, बल्कि यह हमारी देवभूमि की अस्मिता और बेटियों के सम्मान पर सीधा प्रहार है। जिन हाथों ने न्याय की रक्षा करनी थी, वही हाथ आज सच्चाई पर पर्दा डालने में लगे हैं। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि तीन वर्ष बीत जाने के बावजूद जनता जिन सवालों के जवाब चाहती है, वे आज तक अनुत्तरित हैं। उन्होंने कहा कि सितंबर 2022 में भाजपा नेता और तत्कालीन राज्यमंत्री रहे विनोद आर्य के बेटे पुलकित आर्य और उसके साथियों द्वारा इस क्रूर हत्याकांड को अंजाम दिया गया। उन्हें अदालत ने उम्र कैद की सजा सुनाई है, लेकिन इतने से ही न्याय यहीं समाप्त नहीं हो जाता। कहा कि न्याय सिर्फ सजा नहीं है, न्याय तब होगा जब सत्य सामने आएगा, जिम्मेदार जवाब देंगे और सत्ता की छत्रछाया में पनप रहे अपराधियों को बेनकाब किया जाएगा। कुकरेती ने कहा यह सिर्फ अंकिता की लड़ाई नहीं है। चाहे कशिश हत्याकांड, किरण नेगी हत्याकांड या अन्य घटनाएं हों, हर जगह सरकार की कमजोर जांच और लचर पैरवी के कारण आरोपी या तो बच जाते हैं या उन्हें मामूली सजा मिलती है। इसी वजह से राज्य में महिला अपराधों की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। यह सरकार की सबसे बड़ी प्रशासनिक और नैतिक असफलता है। कहा कि देहरादून का सबसे असुरक्षित शहर घोषित होना इस सरकार की नाकामी का जीवंत प्रमाण है।
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