देहरादून। उत्तराखंड विद्युत संविदा कर्मचारी संगठन ने संविदा कर्मचारियों को दस साल में नियमित करने के हाईकोर्ट के आदेश को तत्काल लागू करने की मांग की। सचिव ऊर्जा को भेजे पत्र में संगठन अध्यक्ष विनोद कवि ने कहा कि ऊर्जा के तीनों निगमों में तैनात उपनल कर्मचारियों को नियमितीकरण का लाभ दिया जाए। कवि ने कहा कि हाईकोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि ऐसे संविदा, दैनिक भोगी कर्मचारी, जिनकी सेवाओं को दस साल हो गए हैं, उन्हें नियमितीकरण का लाभ दिया जाए। इस दायरे में ऊर्जा के तीनों निगमों के कर्मचारी आ रहे हैं। ऊर्जा निगमों के उपनल कर्मचारियों को नियमित किए जाने को लेकर पहले भी श्रम न्यायालय और फिर हाईकोर्ट फैसला दे चुके हैं। इसके तहत दायरे में आने वाले उपनल कर्मचारियों को नियमित किया जाना था। जो कर्मचारी नियमितीकरण के दायरे में नहीं आ रहे हैं, उन्हें समान काम का समान वेतन दिया जाना था। इन आदेशों को मानने की बजाय सरकार हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट चली गई। कहा कि अब जब हाईकोर्ट साफ कर चुका है कि दस साल की सेवा वाले कर्मचारियों को नियमित किया जाए। तो उत्तराखंड में जल्द इस आदेश को सख्ती से लागू किया जाए। क्योंकि उपनल कर्मचारी भी विभागों में फील्ड से लेकर ऑफिसों का काम संभाले हुए हैं।
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