देहरादून। अगले विधानसभा चुनाव के लिए शिक्षकों की बीएलओ की ड्यूटी लगने लगी है। शिक्षक संघ ने इसका विरोध किया है। संघ शिक्षकों को गैर शैक्षणिक कार्यों से मुक्त करने की मांग करता रहा है। पूर्व में इस संबंध में आदेश भी हुए थे, लेकिन शिक्षकों का आरोप है कि शासनदेश का पालन नहीं किया जा रहा है। राजकीय शिक्षक संघ पिछले लंबे समय बीएलओ ड्यूटी का विरोध करता आ रहा है। उनका कहना है कि आगामी विधानसभा चुनाव के लिए फिर से शिक्षकों की बीएलओ ड्यूटी लगाई जा रही है। शिक्षक संघ का कहना है कि स्कूल में पहले ही शिक्षक कम होने के साथ ही उनके पास अन्य भी गैर शैक्षणिक कार्य हैं। ऐसे में बीएलओ ड्यूटी से उन पर कार्य का बोझ बढ़ेगा और इससे शैक्षणिक कार्य भी प्रभावित होंगे। उन्होंने पूर्व में जारी शासनादेश का हवाला देते हुए मुख्य निवार्चन आयुक्त से शिक्षकों को बीएलओ ड्यूटी से मुक्त रखने की मांग की है। इसे लेकर शिक्षक संघ के प्रांतीय पदाधिकारी मनोज तिवारी ने मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री से भी इस मामले में हस्तक्षेप की मांग रखी है।
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