देहरादून। भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल अकादमी में पुलिस शहीद दिवस श्रद्धा एवं सम्मान के साथ मनाया गया। मुख्य अतिथि उप महानिरीक्षक व उपनिदेशक आईटीबीपी अकादमी निशिथ चंद्र ने अकादमी परिसर स्थित शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर देश के वीर शहीदों को नमन किया। कार्यक्रम के दौरान एक सितंबर 2024 से 31 अगस्त 2025 तक देशभर में राज्य पुलिस बलों तथा केंद्रीय सशस्त्र बलों में कर्तव्य पालन के दौरान शहीदों को दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। उप महानिरीक्षक व निदेशक आईटीबीपी निशिथ चंद्र ने कहा कि पुलिस शहीद दिवस के इस अवसर पर उन सभी वीर शहीदों को स्मरण करने के लिए एकत्र हुए हैं, जिन्होंने देश की सुरक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी। वर्ष 1959 से 21 अक्टूबर को लद्दाख के हॉट स्प्रिंग क्षेत्र में सीमा की रक्षा करते हुए सीआरपीएफ के बहादुर जवानों पर चीनी सैनिकों ने घात लगाकर हमला किया था। उस समय उस संघर्ष में भारत के दस वीर जवानों ने सर्वोच्च बलिदान दिया। उनके इस अमर बलिदान की स्मृति में हर वर्ष 21 अक्तूबर को देशभर में पुलिस शहीद दिवस मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2024-25 में राज्य पुलिस बलों एंव केंद्री सशस्त्र पुलिस बलों के अनेक बहादुर अधिकारियों और जवानों ने कर्तव्य निर्वहन के दौरान देश की आंतरिक सुरक्षा एवं जनसेवा के लिए प्राण न्योछावर किए, उनको इस मौके पर स्मरण किया जा रहा है। उनके प्रति अपनी कृतज्ञता और श्रद्धांजलि व्यक्त की गई। साथ ही उनके आदर्शों से प्रेरणा लेकर अपने कर्तव्यों का पालन निष्ठा, वीरता, और समर्पण से करने का संकल्प लिया गया। भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल अकादमी परिवार के शहीदों के परिवार जनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उनके बलिदान को सदा स्मरण रखने का प्रण लिया गया। इस मौके पर द्वितीय कमान विपिन जोशी, द्वितीय कमान दुर्गेश चंद्र डंगवाल आदि उपस्थित थे।

