देहरादून। उत्तराखंड महिला मंच समेत विभिन्न संगठनों ने नशे के खिलाफ कचहरी में प्रदर्शन किया। उन्होंने प्रदेश में शराब नीति में बदलाव समेत विभिन्न मांगें की हैं। महिला मंच और विभिन्न जनसंगठनों के लोग मंगलवार सुबह कचहरी स्थित शहीद स्मारक पर एकत्रित। आचार संहिता के कारण वो यहां प्रदर्शन और जुलूस नहीं निकाल पाया। इसके बाद महिलाएं डीएम कार्यालय पहुंची और राज्यपाल के नाम ज्ञापन दिया। मंच की अध्यक्ष कमला पंत कहा कि सरकार की जन विरोधी शराब नीति के कारण शराब गांव-गांव और घर-घर तक पहुंच गई है। ड्रग्स के बढ़ते मामलों के बाद भी सरकार चुप है। मैदान से लेकर दूरदराज के गांवों तक ड्रग्स की तस्करी की जा रही है। इससे युवाओं का भविष्य तो खराब हो ही रहा है, परिवारों में अशांति बढ़ रही है। नशे के कारण समाज में अपराध में बढ़ोतरी हो रही है। उन्होंने उत्तराखंड में शराब नीति में बदलाव, अधिकार सम्पन्न मद्यनिषेद विभाग का गठन, शराब के ठेकों में प्रतिवर्ष दो प्रतिशत की कमी, विरोध वाली जगहों पर ठेका नहीं खेलने, ड्रग्स तस्करी पर रोक लगाने आदि मांग की। प्रदर्शन में उत्तराखंड इंसानियत मंच, जनवादी महिला समिति, चेतना आंदोलन, भारत ज्ञान विज्ञान समिति, एसएफआई, किसान सभा, पेंशनर्स एसोसिएशन, हिंद स्वराज मंच, सफल संवैधानिक आंदोलन, ट्रांस जेंडर एक्टिविस्ट आदि ने हिस्सा लिया।
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