देहरादून। राजधानी देहरादून में आज सयुंक्त विपक्ष एवं जनसंगठनों की ओर से गुरुवार को बेरोजगारों पर किए गए लाठीचार्ज के विरोध में देहरादून के जिलाधिकारी कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया गया। इस दौरान जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया। उन्होंने तत्काल दोषियों के खिलाफ कार्यवाही की मांग की।
विपक्षी दलों में सीपीएम, सीपीआई, सीपीआई (माले), यूकेडी, सपा, जनता दल (एस), पीपुल्स फोरम, सीटू, एटक, किसान सभा, उत्तराखंड आन्दोलनकारी परिषद, जनवादी महिला समिति, कर्मचारी संघ आदि संगठन के प्रतिनिधि शामिल थे। इस दौरान प्रशासन की ओर से अपर सिटी मजिस्ट्रेट ने ज्ञापन लिया। ज्ञापन में लाठीचार्ज के दोषी एसएसपी देहरादून को तत्काल प्रभाव से हटाने, बेरोजगारों पर लगे झूठे मुकदमे वापस लेने, बेरोजगारों की सभी न्यायोचित मांगों को पूरा करने, यूकेएसएसएससी के अध्यक्ष जीएस मर्तोरिया को तत्काल प्रभाव से हटाने आदि मांगें प्रमुख थी। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा है कि पुलिस ने आठ फरवरी रात सरकार एवं एस एसपी के आदेश पर बेरोजगारों को जबरन उठाया। वहीं, अगले दिन प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर लाठीचार्ज किया गया। इसकी कड़े शब्दों में निन्दा की जाती है। वक्ताओं ने एक स्वर से बेरोजगारों की न्यायोचित मांगों को पूरा करने की मांग की है।
प्रदर्शनकारियों में सीपीएम के राजेन्द्र पुरोहित, राजेंद्र सिंह नेगी, अनन्त आकाश, सीपीआई के अशोक शर्मा, एसएस रजवार, हरिओम, सपा के नौशाद ,जनता दल एस हरिजन्दर सिंह, उत्तराखंड आन्दोलन परिषद के नवनीत गुसांई, किसान सभा के सुरेंद्र सिंह सजवाण, सीटू सचिव लेखराज, कमरूद्दीन, सुधा देवली, महिला समिति से इन्दु नौडियाल, पीपुल्स फोरम के जयकृत कण्डवाल, सीटू के किशन गुनियाल, भगवन्त पयाल, रविन्द्र नौडियाल, कर्मचारी नेता एसएस नेगी, एसएफआई के नितिन मलेठा आदि बड़ी संख्या में लोग शामिल थे।

