देहरादून। उत्तराखंड क्रांति दल ने आरोप लगाया कि प्रदेश के जंगलों में लगी आग को बुझाने में सरकारी सिस्टम फेल साबित हुआ है। वन मंत्री को नैतिकता के आधार पर अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए। शनिवार को उक्रांद के केंद्रीय महामंत्री विजय बौड़ाई ने गांधी रोड स्थित पार्टी मुख्यालय में प्रेस कांफ्रेस में कहा कि राज्य के जंगलों में आग विकराल रूप लेती जा रही है। नैनीताल में सेना की मदद ली जा रही है। आग से अमूल्य वन संपदा और वन्य जीव नष्ट हो रहे हैं। जल स्रोतों पर बहुत घातक असर पड़ रहा है। सरकार के पास कोई ठोस कार्य योजना नहीं है, जिससे इस आपदा को कम किया जा सके। वन विभाग को समय से पहले आग की रोकथाम के लिए योजना बनाकर काम करना चाहिए था। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। विभाग उसे मिले बजट को भी खर्च नहीं कर पाए और करोड़ों रुपये सरेंडर करने पड़े हैं। बौडाई ने कहा कि वन विभाग न तो जंगल की आग की रोकथाम कर पाया और न ही वन्यजीवों से हो रहे नुकसान में ही कोई प्रभावी रास्ता तलाश सका। लिहाजा वन मंत्री को नैतिकता के आधार पर त्यागपत्र दे देना चाहिए। उन्हें पद पर रहने का अधिकार नहीं रह गया है। प्रेस कांफ्रेस के दौरान विजेन्द्र रावत, अनूप पंवार, पुष्कर गुसाई, मनोज मिश्रा एडवोकेट,और अशोक नेगी आदि मौजूद रहे।

