विकासनगर। दीपावली को लेकर पछुवादून के जंगलों में उल्लुओं और आसन वेटलैंड में प्रवासियों परिंदों की सुरक्षा को लेकर वन विभाग अलर्ट मोड पर है। अंधविश्वास के चक्कर में कुछ लोग दीपावली की रात तांत्रिक क्रियाओं के लिए उल्लुओं की बलि देते हैं। वन विभाग ने आसन वेटलेंड क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी है। संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। विभाग की कई टीमें लगातार पेट्रोलिंग पर हैं और उल्लू या अन्य वन्य जीवों का शिकार करते हुए पकड़े जाने पर वन अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उल्लू न सिर्फ रहस्यमयी दिखता है, बल्कि प्रकृति की दृष्टि से भी अत्यंत उपयोगी है। यह रात में साफ देख सकता है, गर्दन लगभग पूरी तरह घूम जाती है और संवेदनशील कान अंधेरे में भी शिकार की मौजूदगी को भांप लेते हैं। इसके टेढ़े नाखून और विशेष अंगुलियां इसे शिकार पकड़ने में मदद करती हैं। बावजूद इसके यह पक्षी सिर्फ अंधविश्वास के कारण शिकारियों के निशाने पर रहता है। चकराता वन प्रभाग के डीएफओ वैभव कुमार सिंह ने बताया कि दीपावली को ध्यान में रखते हुए आसन वेटलैंड और जंगलों में विशेष निगरानी की जा रही है। उल्लुओं की तस्करी और शिकार की आशंका को देखते हुए वन विभाग अलर्ट मोड पर है। उल्लू सिर्फ एक पक्षी नहीं, बल्कि पारिस्थितिकी तंत्र की एक अहम कड़ी है। इसे अंधविश्वास की भेंट चढ़ने से बचाना हम सबकी जिम्मेदारी है।
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