देहरादून। रक्तदाता शिरोमणि अनिल वर्मा, यूथ रेडक्राॅस सोसायटी जिन्होंने सन् 1971 से अब तक 52 वर्षों में 152 बार रक्तदान कर चुके हैं। निःस्वार्थ भाव से दान परोपकार का सर्वोत्तम स्वरूप मानते हुए श्री वर्मा ने दधीचि के जीवन को प्रेरणादायक मानते हुए रक्तदान, नेत्रदान तथा देहदान को मानवीय चेतना करार दिया
दधीचि देहदान समिति देहरादून के अध्यक्ष डॉ मुकेश गोयल ने बताया कि श्री अनिल वर्मा ने अपने जन्मदिवस 2 अक्टूबर के दिन अपनी धर्मपत्नी श्रीमती प्रेमलता वर्मा के साथ नेत्रदान,अंगदान,देहदान का संकल्प लिया। श्रीमती प्रेमलता वर्मा भी एम के पी कॉलेज में एन सी सी की ऑफिसर्स पद से अवकाश प्राप्त है।
वर्तमान में उत्तराखंड में डेंगू के जबर्दस्त प्रकोप से जंग में मरीजों को रक्त की आपूर्ति हेतु स्वास्थ्य सचिव उत्तराखंड द्वारा श्री अनिल वर्मा को डेंगू कंट्रोल रूम का नोडल अधिकारी भी नियुक्त किया है। अपने जन्मदिवस पर दोनो का मानवता हित में देहदान का संकल्प लेना समाज के लिये सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण है।
दधीचि देहदान समिति: रक्तदाता शिरोमणि अनिल वर्मा ने अपनी धर्मपत्नी संग लिया नेत्रदान,अंगदान,देहदान का संकल्प
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