उत्तरकाशी। राष्ट्रीय ट्रेड यूनियन एटक के आह्वान पर जिला मुख्यालय में आशा कार्यकर्ताओं और भोजन माताओं ने जुलूस रैली निकाल सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। बृहस्पतिवार को विभिन्न ब्लॉकों से आशा कार्यकर्ता और भोजन माताएं काली कमली धर्मशाला में एकत्रित हुई। यहां से जुलूस की शक्ल में नारेबाजी करते कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचे। कलेक्ट्रेट परिसर में मांगों को लेकर आवाज बुलंद करते हुए उन्होंने धरना दिया। मजदूर नेता महावीर प्रसाद भट्ट ने कहा कि आशाओं और भोजन माताओं को महंगाई के दौर में उनका मेहनताना नहीं मिल रहा है। सरकार को मानदेय बढ़ाने की जरूरत है। इससे उन पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है और काम करना मुश्किल हो गया है। उन्होंने कहा कि आशाओं को सरकारी कर्मचारी घोषित किया जाए। न्यूनतम वेतन तीस हजार प्रतिमाह हो। आशाओं ने डीएम के माध्यम से पीएम और सीएम को भी ज्ञापन भेजा। जुलूस के दौरान सरिता ठाकुर, कमला देवी, आरती सेमवाल, राजुला डबली, चंदन बिष्ट, सुषमा, संजना, सुनीता, कविता उनियाल, सरिता रावत, शोभा आदि दर्जनों शामिल थे। वहीं पुरोला में आशा कार्यकर्ताओं ने बाजार क्षेत्र में रैली निकालकर मांगों के समर्थन में प्रदर्शन किया। रैली के उपरांत कार्यकर्ताओं ने उपजिलाधिकारी मुकेश रमोला के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया। ज्ञापन में आशा कार्यकर्ताओं ने उन्हें राज्य कर्मचारी का दर्जा दिए जाने, न्यूनतम 26 से 30 हजार रुपये मासिक मानदेय निर्धारित करने, कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) एवं ईएसआई की सुविधा लागू करने, सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की। ज्ञापन पर प्रमीना, सरिता, सुमित्रा, नीलम, शांता, रामदुलारी, तारा, सरोज, मीना, कुशुमलता, सीमा, अंजना, कृष्णा, पुष्पा के हस्ताक्षर हैं।

