देहरादून। केदारनाथ के पूर्व विधायक मनोज रावत ने उखीमठ के रुद्रपुर गांव की गौचर की भूमि को फर्जी तरीके से पिटकुल को देने का आरोप लगाया है। प्रेस क्लब में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि अधिकारी-कर्मचारियों ने फर्जी एनओसी और लीज बनाकर यह भूमि पिटकुल को दी है, जिसका ग्रामीण विरोध कर रहे हैं, यदि भूमि वापस नहीं दी जाती है तो ग्रामीण बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। जरूरत पड़ने पर सुप्रीम तक जाने में भी पीछे नहीं हटेंगे। पूर्व विधायक मनोज रावत ने कहा कि रुद्रपुर गांव के चारों ओर गांव हैं। ग्रामीणों के पास ना तो जंगल और ना ही गौचर की भूमि है। सरकारी अधिकारी और कर्मचारियों ने षड्यंत्र रचकर गांव की 2.6 हेक्टेयर गौचर की जमीन को पिटकुल के नाम किया है, जो कि गलत है। ग्रामीणों के पास अब गौचर की जमीन नहीं बची है, ऐसे में पशु चारण कैसे हो पाएगा। कहा कि इस भूमि को पिटकुल के नाम करने के लिए फर्जी एनओसी और लीज बनाई गई। भूमि को वापस लेने के लिए ग्रामीण आंदोलित हैं। यदि भूमि वापस गांव के नाम दर्ज नहीं होती है तो ग्रामीण बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। इस मौके पर आशीष शुक्ला, अमित कुमार, सतेंद्र कोटवाल, गणेश शुक्ला, पंकज शुक्ला, प्रदीप शुक्ला आदि मौजूद रहे।