Saturday, August 29, 2026
Homeउत्तराखंडदेहरादूनमौसम विभाग ने 29 अगस्त से दो सितंबर तक जारी किया प्रदेश...

मौसम विभाग ने 29 अगस्त से दो सितंबर तक जारी किया प्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट

देहरादून। उत्तराखंड में एक बार फिर मानसून सक्रिए होने की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र ने विशेष प्रेस विज्ञप्ति जारी कर 29 अगस्त से दो सितंबर तक राज्य में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। केंद्र के निदेशक डॉ. सीएस तोमर ने बताया कि उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे पश्चिम बंगाल-उत्तरी ओडिशा तट पर एक निम्न दबाव का क्षेत्र बना है, जो अगले 48 घंटों में और स्पष्ट होकर आगे बढ़ेगा।
मानसून ट्रफ अमृतसर से लेकर इस सिस्टम तक फैली है। इसके साथ ही उत्तर पाकिस्तान पर एक पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिए है। इन तीन सिस्टमों के संयुक्त असर से उत्तराखंड में जमकर बारिश होने की संभावना है। 29 अगस्त को बागेश्वर और पिथौरागढ़ में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। जबकि देहरादून, टिहरी, पौड़ी, रुद्रप्रयाग, चमोली, नैनीताल और ऊधमसिंह नगर में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है।
30 अगस्त को देहरादून, पौड़ी, टिहरी, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़, चमोली, नैनीताल, चंपावत, ऊधमसिंह नगर और बागेश्वर में भारी बारिश के साथ तीव्र से अति तीव्र दौर की बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। 31 अगस्त को देहरादून, बागेश्वर, चमोली और नैनीताल में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
बारिश से भूस्खलन, चट्टान गिरने और मलबा आने की संभावना: टिहरी, पौड़ी, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़, उत्तरकाशी, चंपावत और ऊधमसिंह नगर में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा एक और दो सितंबर को देहरादून, टिहरी, पौड़ी, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, नैनीताल और हरिद्वार में भारी बारिश का अनुमान है। विभाग ने चेताया है कि भारी से बहुत भारी बारिश से भूस्खलन, चट्टान गिरने और मलबा आने की संभावना है।
सड़कें और राजमार्ग अवरुद्ध हो सकते हैं। निचले इलाकों में जलभराव और नदियों-गदेरों में फ्लैश फ्लड का खतरा है। कच्चे मकानों, निर्माणाधीन पुलों, धान-मक्का जैसी खरीफ फसलों को नुकसान हो सकता है। बिजली-पानी की आपूर्ति और हवाई सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।
हिदायत देते हुए कहा कि भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोग सतर्क रहें। चारधाम यात्रा केवल अत्यावश्यक होने पर ही करें और तीव्र ढलानों पर विशेष निगरानी रखें। नदियों, नालों और निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोग सावधानी बरतें।

Spread the love
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments