ऋषिकेश। ऋषिकेश में गुरूवार को भारी बारिश से गंगा ने चेतावनी रेखा को पार कर दिया, जिससे तटीय इलाकों में बसे लोग सहम गए। उन्हें दिनभर बाढ़ की आशंका बनी रही। मानसून में यह दूसरी दफा जब गंगा ने चेतावनी निशार को पार किया है। गुरुवार तड़के से झमाझम बारिश का दौर शुरू हुआ, जोकि रात तक नहीं थमा। सुबह मायाकुंड स्थित नावघाट पर गंगा का जलस्तर चेतावनी रेखा 339.50 मीटर से महज दस सेंटीमीटर रहा, लेकिन दोपहर में यह चेतावनी को पार करते हुए 30 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया, जिससे गंगाघाट पूरी तरह से जलमग्न हो गए। जलस्तर बढ़ते ही जल पुलिस और एसडीआरएफ की टीमें भी हकरत में आई। उन्होंने गंगाघाटों से श्रद्धालु को दूर रहने की चेतावनी जारी की। गंगा के उफान से न सिर्फ ऋषिकेश व सटे ग्रामीण क्षेत्र, बल्कि मैदानी इलाकों में भी बाढ़ का खतरा उत्पन्न बना रहा।
पिछले सप्ताह भी गंगा ने चेतावनी रेखा को पार किया था, लेकिन जलस्तर चेतावनी रेखा से महज 10 सेंटीमीटर ही ऊपर पहुंचा था, मगर इस दफा गंगा का उफान चेतावनी रेखा से 30 सेंटीमीटर तक पहुंच गया है। एसडीएम कुमकुम जोशी ने बताया कि गंगा के जलस्तर को लेकर राहत-बचाव से जुड़ी एजेंसियां अलर्ट हैं। वह लगातार गंगा व सहायक नदियों की निगरानी कर रही हैं। उन्हें हर आपात स्थिति से निपटने के लिए 24 घंटे तैयार रहने के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
जनजीवन प्रभावित, बाजार में सन्नाटा: शहर में दिनभर बारिश की वजह से जनजीवन भी प्रभावित रहा। सड़कों पर जलभराव से लोगों को आवागमन में दुश्वारियां पेश आई। संपर्क मार्गों और आंतरिक गलियों में सन्नाटे जैसी स्थिति दिखी। जबकि, मुख्य मार्ग व बाजार भी सुनसान दिखा। खरीददार नहीं पहुंचने से दुकानदारों के चेहरों पर मायूसी भी साफ दिखी। वहीं, सड़कों पर बारिश का पानी जमा होने से पैदल गुजरने वाले लोगों को दिक्कतों का सामना भी करना पड़ा। गुरूवार को बाजार सुबह देर से खुला और रात में जल्दी ही बंद भी हो गया।

