देहरादून। प्रधानाचार्य सीधी भर्ती को लेकर राजकीय शिक्षक संघ से जवाब देने के लिए भर्ती समर्थक शिक्षक भी मैदान में उतर आए हैं। वह संघ के खून से पत्र लिखने के जवाब में दो अक्तूबर को भर्ती के समर्थन में रक्तदान करेंगे। प्रधानाचार्य विभागीय पदोन्नति परीक्षा समर्थक मंच से जुड़े शिक्षकों ने रविवार को प्रेस क्लब में पत्रकार वार्ता कर अपना पक्ष रखा। कहा कि हम राजकीय शिक्षक संघ के खिलाफ नहीं हैं। प्रांतीय संयोजक बृजेश पंवार ने राजकीय शिक्षक संघ की 34 मांगें लंबित हैं, लेकिन इस वक्त पर शिक्षक संघ सिर्फ एक मांग पर अपनी लड़ाई लड़ रहा है। जबकि सरकार ने शिक्षकों, छात्रों और स्कूलों के हित में प्रधानाचार्य के खाली 50 फीसदी पदों पर विभागीय परीक्षा के माध्यम से प्रधानाचार्य की भर्ती प्रक्रिया शुरू की है। आंदोलन में शामिल शिक्षकों ने खुद इसके लिए आवेदन किया है, फिर भी भर्ती का विरोध किया जा रहा है। प्रांतीय महासचिव डॉ.कमलेश कुमार मिश्र ने कहा कि हम अभी तक भर्ती प्रक्रिया जारी रखने के लिए 30 विधायकों से समर्थन मांग चुके हैं। दो अक्तूबर को रक्तदान कर भर्ती का समर्थन करेंगे। अगर यह भर्ती नहीं होती है तो राज्य के स्कूलों को प्रधानाचार्य नहीं मिल पाएंगे। अभी राज्य के इंटर कॉलेजों में सिर्फ 185 प्रधानाचार्य ही तैनात हैं। सभी पर्वतीय जिलों के स्कूलों में सालों से प्रभारी के भरोसे व्यवस्था चल रही है। उन्होंने कहा कि हाईस्कूल के हेडमास्टर पर शतप्रतिशत पदोन्नति का प्रावधान है, ऐसे में अगर इंटर कॉलेजों में प्रधानाचार्य के लिए भर्ती परीक्षा भी हो जाती है, तो पदोन्नति के फिर भी पूरे अवसर हैं। इसलिए राजकीय शिक्षक संघ की इस मांग से हम इत्तेफाक नहीं रखते हैं। हर हाल में भर्ती परीक्षा के लिए होनी चाहिए, इसके लिए सत्याग्रह अभियान चलाएंगे। पत्रकार वार्ता में अमिता सिंह, डॉ. आकाश चौहान, जयेंद्र सिंह रावत, योगेंद्र सिंह नेगी समेत अन्य मौजूद रहे।

