देहरादून। उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी मंच आगामी नौ फरवरी को शहीद स्मारक में भू-कानून व मूल निवास की अनदेखी और यूसीसी के दुष्परिणाम को लेकर बैठक का आयोजन करेगी। जिसमें अन्य सामाजिक संगठनों और बुद्धिजीवियों के साथ मिलकर इन मुद्दों पर चर्चा होगी। मंच के प्रदेश प्रवक्ता प्रदीप कुकरेती ने कहा कि हम राज्य के सरोकारों से जुड़ी संस्थाओं से ये जानना चाहते हैं कि उत्तराखंड राज्य जिन मूल अवधारणाओं को लेकर गठित किया गया था क्या हम उन मुद्दों को भुलाकर दूसरी राह पर आगे बढ़ने लगे हैं। पुष्पलता सिलमाणा, सुलोचना भट्ट ने कहा कि सीमांत प्रदेश में सभी को रोजगार मिले, जल जंगल जमीन आय के साधनों से जुड़े ऐसा हम चाहते हैं, लेकिन आए दिन खड़िया चोरी, नदियों से खनन चोरी, जंगल की अवैध कटाई जैसी खबरें ही सभी ओर छाई रहती हैं। देवभूमि की ऐसी संस्कृति नहीं कि यहां लिव इन रिलेशनशिप जैसे कानून थोपे जाएं।
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