हरिद्वार। आज पतंजलि विश्वविद्यालय, पतंजलि अनुसंधान संस्थान और केन्द्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय आंध्र प्रदेश के मध्य आचार्य बालकृष्ण जी महाराज के नेतृत्व में एक एम.ओ.यू. पर हस्ताक्षर हुआ जिसके तहत तीनों संस्थान जनजाति विकास, औषधि, आजीविका अभिवृद्धि एवं संबंधित शोध कार्यों को मिलकर कर सकेंगे। इस अवसर पर आचार्य जी ने कहा कि तीनों संस्थान मिलकर मिल्लेट्स, अराकू कॉफी (Arakau Coffee) से संबंधित शोध कार्यों को गति देने पर मिलकर कार्य करेंगे। उन्होंने बताया कि इसके लिए जनजातीय समूहों को जोड़कर कार्य किया जाएगा। आचार्य जी ने कहा कि इस सम्पूर्ण कार्य योजना में पतंजलि की अहम भूमिका होगी। शोध कार्यों के अतिरिक्त पतंजलि Geo-tagging, Marketing, Packaging, Branding संबंधित सभी विषयों पर कार्य करेगी। साथ ही पतंजलि ट्रेनिंग प्रोग्राम आयोजित कर लोगों को प्रशिक्षित भी करेगी। उन्होंने कहा कि पतंजलि संस्थान जनजाति समूहों के सर्वांगीण विकास हेतु पूर्ण प्रतिबद्ध है।
इस अवसर पर केन्द्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय, आंध्र प्रदेश के कुलपति प्रो. टी.वी. कट्टिमणी ने कहा कि पतंजलि एक विश्वविख्यात संस्थान है। पतंजलि के साथ जुड़ने से इस सम्पूर्ण कार्य योजना को बल मिलेगा। उन्होंने कहा कि आचार्य जी के कुशल नेतृत्व तथा पतंजलि की अपार क्षमताओं से निश्चित ही जनजातीय समूहों का विकास होगा।
कार्यक्रम में प्रो. टी.वी. कट्टिमणी (वीसी, सीटीयू, एपी), पतंजलि विश्वविद्यालय की रजिस्ट्रार डॉ. प्रवीण पुनिया, पतंजलि शोध संस्थान के वैज्ञानिकों सहित पतंजलि संन्यास आश्रम के पूज्य संतगण भी उपस्थित थे।
पतंजलि विश्वविद्यालय, पतंजलि अनुसंधान संस्थान और केन्द्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय आंध्र प्रदेश के मध्य हुए एमओयू पर हस्ताक्षर
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